फ्रांस के वैज्ञानिकों  द्वारा  एक और खतरनाक वायरस "ज़ोम्बी  वायरस " को जीवित  होने का जानकारी दी है

और यह पचास  हजार साल पुरानी  हैं जो खतरे की घंटी है। एक बहुत बड़ी महामारी को आमंत्रण करती है। 

जर्मनी के वैज्ञानिकों ने भी इस जानकारी को पुष्टि करते हुए एक नई  महा आशंका को आने की जानकरी दी है।

इस vayrus के मुताबिक पुराणी विषाणु को फिर से जीवित होने के कारण वृक्ष, पशु और मनुष्य के लिए रोगों का एक विशालकाय समस्या उत्पन्न होगी। 

"ज़ोंबी वायरस" के नाम से जाने जाना वाला ये वायरस कोरोना से अधिक शक्तिशाली और संक्रामक है जो मानवो के लिए अति खतरनाक होगी।

इस खतरनाक विषाणु से बहुत से नये रोगों (प्रोकैर्योट्स, निसेल्लुलर, यूकैर्योट्स ) का जन्मा होगा और अधिक संख्या में लोग बीमार होंगे और मरेंगे।

यह वायरस प्राचीन समय में भी मानवों  के लिए उतना ही विनाशकारी और उपद्रवी था जितना की वर्तमान में कोरोना वायरस हाहाकार मचाये हुए था 

साइंस अलर्ट के अनुसार "ज़ॉम्बी वायरस " नया स्ट्रेन में २० वायरसों में से एक है।  सभी का अपना जीनोम है , जबकि इस वायरस की खोज फ्रांस में एक झील की तल पर की गयी थी। 

पुराने समय में भी "जॉम्बी वायरस " सभी वायरसों में अधिक संक्रमण और शक्तिशाली वायरस था और जीवित संस्कृतियों पर खोज करने के बाद पता चला की "सवास्थ्य " के लिए उतना ही खतरनाक साबित हुयी जितनी की H. I. V 

यह विषाणु संपूर्ण विश्व में प्रचलित थी जो मानव जाती तथा पशु, पक्षियों के लिए एक मृत्युधर पथ था जो वर्तमान में फिर से दोहराने वाली है।