मुख्यमंत्री नाबार्ड योजना के तहत 206 मीटर लंबा पूल बनाया गया था, लेकिन पुल का उद्घाटन नहीं हो सका था। कुछ दिनों पहले ही पुल के अगले हिस्से में दरार देखी गयी थी।

पूल में दरार को देखकर 15 दिसंबर को अधिकारीयों को पत्र लिखा गया। लेकिन 18 दिसंबर को पूल टूट गया।

बिहार इस समय जहरीली शराब मामले को लेकर काफी चर्चा में है। अब यहां के बेगूसराय से यह हैरान करने वाला मामला सामने आया है।

बेगूसराय में उद्घाटन से पहले 13 करोड़ की लागत से गंडक नदी पर बना यह पुल ढह गया। पुल का अगला हिस्सा ढहने के बाद नदी में जा गिरा।

दरअसल बेगूसराय में उद्घाटन से पहले ही गंडक नदी पर बने पुल का बीच का हिस्सा टूट कर नदी में गिर गया है।

 पुल का पाया नंबर दो और तीन के बीच का हिस्सा टूट कर नदी ने गिर गया। बताया जा रहा है, पूल जबसे निर्माण हुआ तभी से ही इसके कंडीशन ठीक नहीं था।

जो ठेकेदार इसका वॉण्ट्रैक्ट ले रखा था वह बड़े ही दुष्प्रभावी और चालक क़िस्म का इंसान था।

ठेकेदार के लापरवाही और अच्छे इंजीनियर्स को हायर नहीं करने के चलते आज ये दुर्दशा हुयी है।

पूल तैयार होने के 10 दिन बाद से ही पूल में दरारें आने लगे थे जो की गलत इंजिनीयर्स होने का सबूत देता है।

स्थानीय लोगों द्वारा भी ठेकेदार का गलत अपराजिक तत्व से जुड़े होने का पुष्टि की गयी है।