अमन गुप्ता boAt के सह-संस्थापक और सीएमओ हैं। 34 की उम्र में वो एक आलीशान लाइफ जी रहे हैं। कम उम्र में उन्होंने इतनी बड़ी अचीवमेंट कैसे हासिल कर ली। सक्सेस जर्नी सुनाने से पहले अमन ने किया शेयर अपना 'रिजेक्शन' ।

लंबे इंतजार के बाद शार्क टैंक इंडिया 2 टेलीविजन पर वापस लौट रहा है। इस सीजन अमन गुप्ता, नमिता थापर, विनीता सिंह और पीयूष बंसल शो को जज करते दिखेंगे।

  शार्क टैंक इंडिया देखने के लिये कई लोग बेताब हैं। पर दूसरा सीजन शुरू हो उससे पहले अमन गुप्ता की मोटिवेशनल कहानी शीखप्रद है।

 एक इंटरव्यू में शार्क टैंक इंडिया के जज कहते हैं, 'मैंने  'मैंने पापा के कहने पर CA किया था, पर मजा नहीं आया. इसके बाद दो साल नौकरी की, उसमें भी मजा नहीं आया.'

आगे वो कहते हैं, 'मुझे लग रहा था कि कुछ तो दिक्कत है। इसके बाद मैंने और पापा ने फैसला किया कि अपना बिजनेस करेंगे।

 उनके पास अनुभव था और मेरे पास पैशन था मेरा फैमिली बिजनेस नहीं था। पर हमने शुरूआत की।

 पहली सेल्स के दौरान मुझे एक कस्टमर पर काफी गुस्सा आ रहा था, वो बार-बार मुझे समय देकर टाल रहा था।

तब मुझे पापा से सीख मिली कि ईगो नहीं होना चाहिए। मैंने चार-पांच साल वो बिजेनस किया। हम एक कंपनी के लिए काम करते थे।

 पर उस कंपनी ने बाद में इंडिया में आकर अपना खुद का ऑफिस खोल लिया। अमन कहते हैं कि रिजेक्शन मेरी लाइफ का हिस्सा रहा है।

 मेरे पास पैसे नहीं थे। जॉब भी नहीं थी। पर अमन ने बिजनेस शुरू किया। अमन गुप्ता ने बोट का काम एक पब में बैठकर शुरू किया।  इसके बाद 35 की उम्र में उन्होंने करोड़ों की कंपनी खड़ी कर डाली।