मांगलिक भवन, स्कूलों तथा स्थलों में कार्यक्रम आयोजीत कर स्कूली बच्चे तथा ग्रामीणों ने बड़े ही उल्लास के साथ गुरु गोविन्द सिंह के पुत्रों जोरावर सिंह तथा फ़तेह सिंह अपने धर्म के लिए छोटी उम्र में बलिदान दे दिए।

उनकी याद में वीर बाल दिवस मनाकर उनके बलिदान को याद किया। वहीं स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य का प्रदर्शन किया।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व नगर अध्यक्ष हिंद राष्ट्र संगठन व राष्ट्र हिन्दू शक्ति संगठन के अध्यक्ष राजेश शिरोडकर कार्यक्रम संयोजक अरुण श्रीवास्तव कार्यक्रम में मौजूद थे।

 अरुण श्रीवास्तव ने बताया 21 से 27 दिसंबर तक इन्हीं सात दिनों में गुरु गोविंद सिंह का पूरा परिवार शहीद हो गया था।

उसी रात माता गुजरी ने भी ठंडे बुर्ज में प्राण त्याग दिए। यह सप्ताह भारत के इतिहास में शोक सप्ताह होता है।

शौर्य का सप्ताह होता है। इस अवसर स्कूली बालिकाओं ने देशभक्ति पूर्ण गीतों पर उस शौर्य को याद करते हुए नृत्य का प्रदर्शन किया।

बालक बालिकाओं ने बहुत ही उल्लास के साथ यह पखवाड़े के रूप में 21 से 26 दिसंबर तक मनाए जाने वाला वीर बाल दिवस 23 दिसंबर को अपने प्रथम सोपान पर सिद्दीकगंज आष्टा विधानसभा में मनाया गया।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ कैलाश जाटव ने भी अपने विचार रखें।

 उन्होंने कहा कि देश और धर्म के लिए हमें किसी भी समझौते को नकारना नहीं चाहिए।

संचालक अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों को उन बलिदानी बच्चों को याद करना चाहिए जिन्होंने छोटी सी उम्र में अपने देश के प्रति अपने धर्म के प्रति निष्ठा को दिखाते हुए भारत मां के ऊपर अपने प्राण निछावर कर दिया।