झारखंड के गिरिडीह स्थित सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल बनाए जाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है जिससे जैन समाज धरना और सड़कों पर उतर गए है।

देश के सभी राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आज इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, खंडवा के अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों में भी बंद बुलाया गया है।

मध्य प्रदेश के राजधानी भोपाल में व्यापारी दोपहर 3 बजे तक दुकानें बंद रखेंगे। न्यू मार्केट, दस नंबर मार्केट, एमपी नगर, कोलार समेत पुराने शहर के ज्यादातर व्यापारियों ने दुकानें बंद रखने का फैसला लिया है।

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महासचिव अनुपम अग्रवाल ने बताया की दुकाने बंद होने के बजह से सिर्फ भोपाल में 100 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है।

भोपाल व्यवसायी महासंघ के राकेश अग्रवाल ने कहा पर्यटक मनोरंजन के लिए होता है जबकि तीर्थ यात्रा में श्रद्धा भाव होते है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेटर लिखा है। कमलनाथ ने लिखा- सम्मेद शिखर जी से जैन समाज की अटूट, आस्था धर्मिक पवित्रता जुड़ी हुयी है।

श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल घोषित करने का विरोध बुधवार को इंदौर में वकील अपने माथे पर विरोध प्रदर्शन वाली पट्टी बांधकर काम करेंगे।

सम्मेद सिखर जी के के झारखण्ड द्वारा पर्यटक स्थल बनाने के विरोध में सागर भी बंद रहेगा। विरोध में रैली निकली जाएगी।

श्री सम्मेद शिखर जी जैन धर्म के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकर भगवान और असंख्य महामुनिराजों ने इसी पवित्र भूमि से तपस्या कर निर्वाण प्राप्त किया है।

झारखंड सरकार ने इसे टूरिज्म स्पॉट बनाने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। इसी का विरोध किया जा रहा है।