Zika Virus भारत के कई राज्यों में अपना पैर फैला चूका है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, भोपाल,दिल्ली जैसे शहरों में डॉक्टरों द्वारा इसकी सुचना दी गयी है।

हल ही में कर्नाटक के एक होडपिताल में चल रहे 13 वर्षीय बच्ची के इलाज के दौरान डॉक्टरों के होश उड़ गए। दरअसल बच्ची को इलाज करने के बाद भी उसे फीवर नहीं जाता।

जब विशेष जाँच किया गया तब ज़ीका वायरस के लक्षण दिखाई दिए। वायरस काफी खतरनाक होती है।

यह वायरस मच्छरों द्वारा फैलती है इसका इंफेक्शन मच्छरों के काटने से फैलता है। यह बीमारी एडीज नामक मच्छरों द्वारा फैलती है।

यह मच्छर दिन के समय ज्यादा एक्टिव रहते है, ज़ीका वायरस से फैलने वाला संक्रमण इतना खतरनाक होता है की कई बार इंसानो की मौत हो जाती है।

आपको जानकर आश्चर्य होगा की यदि यह मच्छर गर्ववती महिला को काट ले तो गर्व में पल रहे शिशु के दिमाग पर बुरा असर परता है।

शोधकर्ताओं ने बताया है की ज़ीका वायरस एल्बोपिक्टस एडीज और येल्लो फीवर मॉस्क्वीटो की प्रजातयों से फैलती है जिसमें बुखार और मलेरिया के मिले गुण होते है।

ज़ीका वायरस भी उसी मच्छर से फैलता है जिससे डेंगू फैलता है यानि की एडीज मच्छर। यह वायरस सलाइवा और सीमेन जैसे तरल पदार्थ को संक्रमित कर देता है।

ज़ीका वायरस के लक्षण डेंगू के सामान ही होते है। किसी व्यक्ति को अगर ये काटता है तो उस जगह पर चकता और व्यक्ति को बुखार हो जायेगा।

इसके लक्षण 2 या 7 दिनों में देखे जा सकते है। सामान्य दर्द और बुखार वाली दवाओं से इसका इलाज किया जा सकता है।