पूरे भारत में प्लास्टिक बैन होने के बाद भी इन शहरों ... में धरल्ले से बिक रहे है प्लास्टिक बोतल तथा पाउच जो शराब के दुकानों के आगे ज्यादा बिकते है।

जबलपुर. शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी चल रही हैं  नगर निगम के सफाईकर्मी इन दुकानों के सामने रोज सफाई करते हैं। निगम प्रशासन इन शराब दुकानों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है।

प्रतिबंधित अमानक पॉलीथिन का उपयोग कम करने के भी स्वच्छ सर्वेक्षण में अंक शामिल हैं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो शहर में अमानक पॉलिथिन का उत्पादन नहीं हो रहा है।

 ऐसे में रोजाना शराब दुकानों के आसपास प्रतिबंधित पॉलिथिन के डिस्पोजल आ रहे हैं। प्रतिबंधित पॉलिथिन का उपयोग रोकने के नाम पर प्रशासन की संयुक्त टीम छापामार कार्रवाई करती है।

 दो ट्रांसपोर्टरों के पास से बड़े पैमाने पर अमानक पॉलिथिन जब्त की गई थी। इसके बाद भी शराब दुकानों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।

मदनमहल लिंक रोड पर स्थित शराब दुकान के सामने फ्लाईओवर की बेरीकेडिंग के आसपास और नाले में प्रतिदिन बड़ी तादात में प्लास्टिक डाला जाता है।

एलआईसी से शारदा चौक (राजस्थान) मुख्य मार्ग में स्थित शराब की दुकान के सामने प्रतिदिन शाम को प्लास्टिक डिस्पोजल का ढेर लग रहा है।

ये बड़ा ही विचित्र सवाल है, 'प्रतिबंधित होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को ये डिस्पोजल कहां से मिल रही है'

शराब दुकानों के आसपास प्रतिबंधित पॉलिथिन के डिस्पोजल पाए जाने को देखते हुए प्रशासन की संयुक्त टीम के साथ छापामार कार्रवाई की जाए।