Shree Vindheshwari Chalisa PDF and Stotra Download | विन्ध्येश्वरी चालीसा एवं स्तोत्रं पढ़ें डाउनलोड करें

Vindheshwari Chalisa pdf and stotra file are available here for download. You can read and download the vindheshwari Chalisa pdf file for free. Also, the Stotra lyrics of vindheshwari mata are available in this post for download

विन्ध्येश्वरी माता जी का चालीसा एवं स्तोत्रं को पढ़ें एवं लिरिक्स पीडीऍफ़ में आप यहाँ इस पोस्ट के निचे दिए गए लिंक पर क्लीक करके सीधा डाउनलोड कर सकते है |

पीडीऍफ़ का नामVindheshwari Chalisa PDF and Stotra pdf
फाइल का साइज़ 800 KB
कुल पृष्ठ 04
केटेगरी धार्मिक पीडीऍफ़
डाउनलोड लिंक उपलब्ध

Shree Vindheshwari Chalisa PDF का विवरण

नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में हम आपको माता विंध्येश्वरी का चालीसा एवं स्तोत्रं का पीडीऍफ़ फाइल एवं लिरिक्स उपलब्ध करवा रहें है | अगर आप Vindheshwari Chalisa PDF फाइल को खोज कर रहें है तो सही जगह आयें है | हम आपको साधारण एवं शुद्ध भाषा में लिखा हुए विन्धेश्वरी चालीसा पीडीऍफ़ एवं स्तोत्रं की फाइल उपलब्ध करवा रहें है |

माँ दुर्गा का एक रूप जो परोपकारी है उसे विन्ध्येश्वरी माता कहा जाता है | कहते हैं इस स्वरुप की पूजा अर्चना करने से धन-धान्य एवं जगत में मान – सम्मान बढ़ता है |

माता विन्ध्येश्वरी चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है | जीवन में आने वाली समस्याएँ दूर होती है एवं दुःख दर्द दूर होते है |

चलिए Vindheshwari Chalisa pdf जानते है –

दोहा:

नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब।
सन्तजनों के काज मेंकरती नहीं विलम्ब॥

माता विन्धेश्वरी चालीसा दोहा

चौपाई (चालीसा):

जय जय विन्ध्याचल रानी।
आदि शक्ति जग विदित भवानी॥

सिंहवाहिनी जय जग माता।
जय जय त्रिभुवन सुखदाता॥

कष्ट निवारिणी जय जग देवी।
जय जय असुरासुर सेवी॥

महिमा अमित अपार तुम्हारी।
शेष सहस्र मुख वर्णत हारी॥

दीनन के दुख हरत भवानी।
नहिं देख्यो तुम सम कोई दानी॥

सब कर मनसा पुरवत माता।
महिमा अमित जगत विख्याता॥

जो जन ध्यान तुम्हारो लावै।
सो तुरतहिं वांछित फल पावै॥

तू ही वैष्णवी तू ही रुद्राणी।
तू ही शारदा अरु ब्रह्माणी॥

रमा राधिका श्यामा काली।
तू ही मातु सन्तन प्रतिपाली॥

उमा माधवी चण्डी ज्वाला।
बेगि मोहि पर होहु दयाला॥

तू ही हिंगलाज महारानी।
तू ही शीतला अरु विज्ञानी॥

दुर्गा दुर्ग विनाशिनी माता।
तू ही लक्ष्मी जग सुख दाता॥

तू ही जाह्नवी अरु उत्राणी।
हेमावती अम्बे निर्वाणी॥

अष्टभुजी वाराहिनी देवी।
करत विष्णु शिव जाकर सेवी॥

चौसट्ठी देवी कल्यानी।
गौरी मंगला सब गुण खानी॥

पाटन मुम्बा दन्त कुमारी।
भद्रकाली सुन विनय हमारी॥

वज्र धारिणी शोक नाशिनी।
आयु रक्षिणी विन्ध्यवासिनी॥

जया और विजया वैताली।
मातु संकटी अरु विकराली॥

नाम अनन्त तुम्हार भवानी।
बरनै किमि मानुष अज्ञानी॥

जापर कृपा मातु तव होई।
तो वह करै चहै मन जोई॥

कृपा करहुं मो पर महारानी।
सिद्ध करहु अम्बे मम बानी॥

जो नर धरै मातु कर ध्याना।
ताकर सदा होय कल्याना॥

विपति ताहि सपनेहु नहिं आवै।
जो देवी का जाप करावै॥

जो नर कहं ऋण होय अपारा।
सो नर पाठ करै शतबारा।

निश्चय ऋण मोचन होइ जाई।
जो नर पाठ करै मन लाई।

अस्तुति जो नर पढ़ै पढ़ावै।
या जग में सो अति सुख पावै।

जाको व्याधि सतावे भाई।
जाप करत सब दूर पराई।

जो नर अति बन्दी महँ होई।
बार हजार पाठ कर सोई।

निश्चय बन्दी ते छुटि जाई।
सत्य वचन मम मानहुं भाई।

जा पर जो कछु संकट होई।
निश्चय देविहिं सुमिरै सोई।

जो नर पुत्र होय नहिं भाई।
सो नर या विधि करे उपाई।

पांच वर्ष सो पाठ करावै।
नौरातन में विप्र जिमावै।

निश्चय होहिं प्रसन्न भवानी।
पुत्र देहिं ता कहं गुण खानी।

ध्वजा नारियल आनि चढ़ावै।
विधि समेत पूजन करवावै।

नित्य प्रति पाठ करै मन लाई।
प्रेम सहित नहिं आन उपाई।

यह श्री विन्ध्याचल चालीसा।
रंक पढ़त होवे अवनीसा।

यह जनि अचरज मानहुं भाई।
कृपा दृष्टि तापर होइ जाई।।

जय जय जय जग मातु भवानी,
कृपा करहुं मोहिं पर जन जानी।

॥ इति श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा ॥

Vindheshwari Stotra pdf | विन्धेश्वरी स्तोत्रं लिरिक्स पीडीऍफ़

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी,
प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी ।
बनेरणे प्रकाशिनी,
भजामि विन्ध्यवासिनी ॥

त्रिशूल मुण्ड धारिणी,
धरा विघात हारिणी ।
गृहे-गृहे निवासिनी,
भजामि विन्ध्यवासिनी ॥

दरिद्र दुःख हारिणी,
सदा विभूति कारिणी ।
वियोग शोक हारिणी,
भजामि विन्ध्यवासिनी ॥

लसत्सुलोल लोचनं,
लतासनं वरप्रदं ।
कपाल-शूल धारिणी,
भजामि विन्ध्यवासिनी ॥

कराब्जदानदाधरां,
शिवाशिवां प्रदायिनी ।
वरा-वराननां शुभां,
भजामि विन्ध्यवासिनी ॥

कपीन्द्न जामिनीप्रदां,
त्रिधा स्वरूप धारिणी ।
जले-थले निवासिनी,
भजामि विन्ध्यवासिनी ॥

विशिष्ट शिष्ट कारिणी,
विशाल रूप धारिणी ।
महोदरे विलासिनी,
भजामि विन्ध्यवासिनी ॥

पुंरदरादि सेवितां,
पुरादिवंशखण्डितम्‌ ।
विशुद्ध बुद्धिकारिणीं,
भजामि विन्ध्यवासिनीं ॥

विन्धेश्वरी स्तोत्रं

आप निचे दिए गए डाउनलोड बटन से माता विन्धेश्वरी चालीसा एवं स्तोत्रं पीडीऍफ़ दोनों डाउनलोड कर सकते है | You can direct download Vindheshwari Chalisa

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