Shri Hari Stotram Lyrics with Hindi meanings | श्री हरी स्तोत्रम् लिरिक्स हिंदी अर्थ सहित डाउनलोड करें पीडीऍफ़

Written by Editorial Team

Updated on:

Shri Hari Stotram Lyrics in hindi | श्री हरी स्तोत्रम् लिरिक्स हिंदी में देखें अर्थ सहित और निचे दिए गए डाउनलोड बटन से पीडीऍफ़ फाइल डाउनलोड करें | Download this pdf from bottom of this article

नमस्कार दोस्तों आज की यह पोस्ट भगवन श्री विष्णु जी के श्री हरी स्तोत्रम् पाठ का पीडीऍफ़, पाठ को कैसे करे, पाठ को पढने के फायेदे आदि के बारे में विस्तृत में बतायेगे | इस पोस्ट में आप श्री हरी स्त्रोत्रम को हिंदी, संस्कृत और अंगेजी में पढ़ सकते है |

Shri Hari Stotram Lyrics file details | श्री हरी स्तोत्रम् पीडीऍफ़ फाइल की जानकारी

Name of the PDF FileShri Hari Stotram Lyrics |( श्री हरी स्तोत्रम् लिरिक्स हिंदी )
PDF File SizeMB
CategoriesReligious
SourcePDFHIND.COM
Uploaded on03-02-2022
PDF LanguageSANSKRIT, HINDI & ENGLISH

What is Shri Hari Stotram Lyrics | क्या है श्री हरी स्तोत्रम् पाठ

shri hari stotram in hindi

दोस्तों श्री हरी स्तोत्रं पाठ भगवन विष्णु जी को समर्पित है | माना जाता है की इस पाठ की रचना श्री आचार्य ब्रम्हानंद जी के द्वरा की गई है | इस पाठ को पढने से भगवन विष्णु जी के साथ साथ माता लक्ष्मी जी का भी आशीर्वाद मिलता है |

इस पाठ को आप नित्य सुबह पढ़ सकते है और अगर आप इस पाठ को रोजाना नहीं पढ़ पाते है तो हर गुरुवार से दिन करे यह दिन विष्णु जी का दिन माना जाता है | और माता लक्ष्मी जी भी प्रसन्न होती है क्योकि माँ लक्ष्मी जी विष्णु जी की पत्नी है |

How to do Shri Hari Stotram Path | कैसे करे हरी स्तोत्रम् पाठ

श्री हरी स्तोत्रम् पाठ को करने के लिए कुछ बातो का ध्यान में रखना चाहिय और दी गई सारी जानकारी के हिसाब से पाठ करना बहुत ही लाभकारी माना गया है |

  • पाठ को करने के लिए आप को सुबह जल्दी उठ कर नित्य क्रिया कर के जल्दी स्नान कर लेना चाहिय |
  • फिर साफ कपडे पहन कर मंदिर में या अपने पूजा का स्थान पर पूजा सामग्री तैयार करे |
  • अब सबसे पहले भगवन की मूर्ति / प्रतिमा के स्नान के लिए ताम्बे के लोटा / मिटटी का कलश में गंगा जल या फिर आप शुद्ध जल ले कर स्नान करावे |
  • फिर पूजा सामग्री ( चावल, कुमकुम, दीपक, घी, धूपबत्ती, अष्टगंध ) तैयार करे |
  • प्रसाद सामग्री ( फल, लड्डू, मिठाई, नारियल, पंचामृत, आदि ) अपनी श्रद्धा के अनुसार ले सकते है |
  • पूजा सुरु करने से पहले अपने माथे पर तिलक लायगे और पूजा में बेठे सभी लोगो को भी तिलक करे |
  • श्री गणेश जी का नाम ले कर पूजा सुरु करे | वैसे आप कोई भी शुभ काम करे या पूजा अर्चना करे तो श्री गणेश जी के नाम से करने से और भी अच्छा माना जाता है |
  • श्री हरी स्तोत्रम् पाठ सम्पूर्ण पढ़े और पाठ को सुरु कर देने के बाद बिच में उठाना नहीं चाहिय और ना ही कुछ खाना-पीना चाहिय |
  • जैसे ही आप की पूजा पाठ सम्पूर्ण हो जाये तब आप प्रशाद वितरण करे और सब के अंत में खुद भी प्रशाद ले |

Benefits of Shri Hari Stotram Path | हरी स्तोत्रम् पाठ के जाने अदभुत फायेदे

  • भगवन विष्णु जी का हरी स्तोत्रम्र करने से मन को में पॉजिटिव उर्जा मिलती है |
  • Shri Hari Stotram Lyrics के मंत्रो का जप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है |
  • Shri Hari Stotram पाठ करने से सुख शांति का भागीदार बनता है |
  • हरी स्तोत्रं का पाठ करने से विष्णु जी से साथ-साथ माता लक्ष्मी जी का भी आशीर्वाद मिलता है और घर में धन सम्पदा बनी रहती है |
  • हरी स्तोत्र के मंत्रो का जप करने से जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है |
  • इस स्तोत्र का जाप करने से बुरी लत और गलत संगत से छुटकारा मिलता है |
  • विष्णु जी के हरी स्त्रोतम का जाप करने से जीवन में आये बुरे वक़्त से लड़ने की हिम्मत और साहस मिलता है |

Shri Hari Stotram Lyrics in Sanskrit and Hindi | श्री हरी स्तोत्रम् का सम्पूर्ण पाठ पढ़े

जगज्जालपालं कनत्कण्ठमालं
शरच्चन्द्रफालं महादैत्यकालम् ।
नभोनीलकायं दुरावारमायं
सुपद्मासहायं भजेहं भजेहं ॥ १ ॥

हिंदी अनुवाद :- जो समस्त जगत के रक्षक हैं(पालन हर है ), जो गले में चमकता बहुत ही सुन्दर हार पहने हुए हैं,जिनका मस्तक शरद ऋतु में चमकते चन्द्रमा(शर्दी में चंद्रमा लाल होता है उसी तरह बताया है ) की तरह है और जो महादैत्यों के काल हैं। नभ (आकाश) के समान जिनका रंग नीला है, जो अजेय मायावी शक्तियों के स्वामी हैं, देवी लक्ष्मी जिनकी साथी हैं(माता लक्ष्मी जी वुष्णु जी की पत्नी है ) उन भगवान् विष्णु को मैं बारम्बार भजता हूँ। श्री विष्णु जी को बार बार प्रणाम करता हु | 1
सदाम्भोधिवासं गलत्पुष्पहासं
जगत्सन्निवासं शतादित्यभासम् ।
गदाचक्रशस्त्रं लसत्पीतवस्त्रं
हसच्चारुवक्त्रं भजेहं भजेहं ॥ २ ॥

हिंदी अनुवाद :- जो सदा समुद्र में वास करते हैं, जिनकी मुस्कान खिले हुए पुष्प की भाँति (खिला हुवा पुष्प बहुत ही सुन्दर लगता है उसी तरह भगवन भी हसते हुवे बहुत ही सुन्दर लगते है ) है, जिनका वास पूरे जगत में है, सौ सूर्यों के सामान प्रतीत होते (सूर्य बहुत ही तेज चमकता है उसी तरह बताया है ) हैं। जो गदा, चक्र और शस्त्र धारण करते हैं, जो पीले वस्त्रों में सुशोभित हैं, जिनके सुन्दर चेहरे पर प्यारी मुस्कान है, उन भगवान् विष्णु को मैं बारम्बार भजता हूँ। श्री विष्णु जी को बार बार प्रणाम करता हु | 2
रमाकण्ठहारं श्रुतिव्रातसारं
जलान्तर्विहारं धराभारहारम् ।
चिदानन्दरूपं मनोज्ञस्वरूपं
धृतानेकरूपं भजेहं भजेहं ॥ ३ ॥

हिंदी अनुवाद :- जिनके गले के हार में देवी लक्ष्मी का चिन्ह बना हुआ है, जो वेद वाणी के सार हैं, जो जल में विहार करते हैं और पृथ्वी के भार को धारण करते हैं (दोस्तों कहा गया है की विष्णु जी हमारी धरती को अपने सेष नाग से धारण किये हुवे है )। जिनका सदा आनंदमय रूप रहता है और मन को आकर्षित करता है, जिन्होंने अनेकों रूप धारण किये हैं, उन भगवान् विष्णु को मैं बारम्बार भजता हूँ। श्री विष्णु जी को बार बार प्रणाम करता हु | 3
जराजन्महीनं परानन्दपीनं
समाधानलीनं सदैवानवीनम् ।
जगज्जन्महेतुं सुरानीककेतुं
त्रिलोकैकसेतुं भजेहं भजेहं ॥ ४ ॥

हिंदी अनुवाद :- जो जन्म और उम्र से मुक्त हैं अथार्थ विष्णु जी अमर है , जो परमानन्द से भरे हुए हैं, जिनका मन सदैव स्थिरऔर शांत रहता है, जो हमेशा नवीन (नये) प्रतीत होते हैं। जो इस जगत के जन्म के कारक हैं, देवताओं की सेना के रक्षक हैं और तीनों लोकों के बीच सेतु हैं, उन भगवान् विष्णु को मैं बारम्बार भजता हूँ। श्री विष्णु जी को बार बार प्रणाम करता हु | 4
कृताम्नायगानं खगाधीशयानं
विमुक्तेर्निदानं हरारातिमानम् ।
स्वभक्तानुकूलं जगद्वृक्षमूलं
निरस्तार्तशूलं भजेहं भजेहं ॥ ५ ॥

हिंदी अनुवाद :- जो वेदों के गायक हैं, पक्षीराज गरुड़ की जो सवारी करते हैं, जो मुक्तिदाता हैं और शत्रुओं का जो मान हरते हैं। जो अपने भक्तों के प्रिय हैं, जो जगत रुपी वृक्ष की जड़ हैं अथार्थ मतलब हैकि श्री विष्णु जी अपने भगतो की हर दुःख को हर लेते है , जो सभी दुखों को निरस्त (ख़त्म) कर देते हैं, उन भगवान् विष्णु को मैं बारम्बार भजता हूँ। श्री विष्णु जी को बार बार प्रणाम करता हु | 5
मस्तामरेशं द्विरेफाभकेशं
जगद्बिम्बलेशं हृदाकाशवेशम् ।
सदा दिव्यदेहं विमुक्ताखिलेहं
सुवैकुण्ठगेहं भजेहं भजेहं ॥ ६ ॥

हिंदी अनुवाद :- जो सभी देवों के स्वामी हैं, काली मधु मक्खी के समान जिनके केश (बालों) का रंग है, पृथ्वी जिनके शरीर का हिस्सा है और जिनका शरीर आकाश के समान स्पष्ट है। जिनकी देह (शरीर) सदा दिव्य है, जो संसार के बंधनों से मुक्त हैं, बैकुंठ जिनका निवास है, उन भगवान् विष्णु को मैं बारम्बार भजता हूँ। श्री विष्णु जी को बार बार प्रणाम करता हु | 6
सुरालीबलिष्ठं त्रिलोकीवरिष्ठं
गुरूणां गरिष्ठं स्वरूपैकनिष्ठम् ।
सदा युद्धधीरं महावीरवीरं
भवाम्भोधितीरं भजेहं भजेहं॥ ७ ॥

हिंदी अनुवाद :- जो सुरों (देवताओं) में सबसे बलशाली हैं, त्रिलोकों में सबसे श्रेष्ठ हैं, जिनका एक ही स्वरुप है (परमात्मा या परब्रह्म रूप)। जो युद्ध में सदा वीर हैं, जो महावीरों में भी वीर हैं, जो सागर के किनारे पर वास करते हैं, उन भगवान् विष्णु को मैं बारम्बार भजता हूँ। श्री विष्णु जी को बार बार प्रणाम करता हु | 7
रमावामभागं तलालग्ननागं
कृताधीनयागं गतारागरागम् ।
मुनीन्द्रैस्सुगीतं सुरैस्सम्परीतं
गुणौघैरतीतं भजेहं भजेहं ॥ ८ ॥

हिंदी अनुवाद :- जिनके वाम (बाएं) भाग में लक्ष्मी विराजित होती हैं, जो नग्न नाग पर विराजित हैं, जो यज्ञों से प्राप्त किये जा सकते हैं और जो राग-रंग से मुक्त हैं। ऋषि-मुनि जिनके गीत गाते हैं, देवता जिनकी सेवा करते हैं और जो गुणों से परे हैं, उन भगवान् विष्णु को मैं बारम्बार भजता हूँ। श्री विष्णु जी को बार बार प्रणाम करता हु | 8
इदं यस्तु नित्यं समाधाय चित्तं
पठेदष्टकं कण्ठहारं मुरारेः ।
स विष्णोर्विशोकं ध्रुवं याति लोकं
जराजन्मशोकं पुनर्विन्दते नो ॥

हिंदी अनुवाद :- भगवान हरि का यह अष्टक जो कि मुरारी के कंठ की माला के समान है, जो भी इसे सच्चे मन से पढता है वह वैकुण्ठ लोक को प्राप्त होता है। वह दुःख, शोक, जन्म-मरण से मुक्त होता है सुख शांति का भागीदार बनता है इसमें कोई संदेह नहीं है।

Shri Hari Stotram Lyrics in Sanskrit and Hindi

Shri Hari Stotram Lyrics in English With Meanings | श्री हरी स्तोत्रम् का सम्पूर्ण पाठ अंगेजी में पढ़े

Jagajjalapalam Kachad Kanda Malam,
Sarahandraphalam Mahadaithyakalam,
Nabho Neelakayam Duravaramayam,
Supadmasahayam Bajeham Bajeham.


Sadambhodhi Vasam Galathpushpahasam,
Jagatsannivasam Sathadhithyabhasam,
Gadhachakra Sastram Lasad Peetha Vasthram,
Hasacharu Vakthram Bajeham Bajeham.


Ramakantaharam Sruthivrathasaram,
Jalantharviharam Dharabharaharam,
Chidanandaroopam Manogna Swaroopam,
Druthaneka Roopam Bajeham Bajeham.


Jarajanma Heenam Parananda Peetham,
Samadana Leenam Sadaivanaveetham,
Jagajjanma Hethum Suraneeka Kethum,
Trilokaika Sethum Bajeham Bajeham.

.
Kruthamnayaganam Khagadhisayanam,
Vimukthernidhanam Hararadhimanam,
Swabakthanukoolam Jagadvrukshamoolam,
Nirastharthasoolam Bajeham Bajeham.


Samasthamaresam Dwirephabha Klesam,
Jagat Bimba Lesam Hrudakasa Desam,
Sada Divya Deham Vimukthakhileham,
Suvaikuntageham Bajeham Bajeham.


Suralibalishtam Trilokivarishtam,
Gurannangarishtam Swaroopaikanishtam,
Sadyudhadheeram Mahaveeraveeram,
Bhambhoditheeram Bajeham Bajeham.


Ramavamabhagam Thalanagna Nagam,
Kruthadeethayagam Gatharagaragam,
Muneendrai Sugeetham Surai Sapareeham,
Ganougairaathetham Bajeham Bajeham.

Shri Hari Stotram Lyrics in English With Meanings

Shri Hari Stotram Lyrics Video | श्री हरी स्तोत्रं लिरिक्स विडियो देखें

लिरिक्स का यह विडियो Krishna Bhakti Dhaam द्वारा Youtube पर अपलोड किया गया है | इस विडियो से आप shri hari stotram सुन सकते है एवं साथ में उपरोक्त पीडीऍफ़ फाइल के माध्यम से इसके लिरिक्स को पढ़ सकते है एवं डाउनलोड भी कर सकते है |

video credits: Krishna Bhakti Dhaam

Related Post

Leave a Comment

×